सफ़र

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2018 जहाँ से शुरुआत हुई

कॉम्बैट रोबोटिक्स के दीवाने

Autodesk University में अपने कॉम्बैट रोबोट Vulcan के साथ Hriteek और Shivanshu एक रोबोटिक्स इवेंट में पंजा लड़ाते हुए एक कॉम्बैट रोबोट पर काम तिरंगे के साथ VIT की रोबोटिक्स टीम

Hriteek और Shivanshu VIT Vellore के ऑफ़िशियल रोबोटिक्स क्लब में मिले, और पहली ही मुलाक़ात में दोस्ती जम गई। एक मैकेनिकल इंजीनियर, एक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर: दोनों ने चार साल साथ मिलकर कॉम्बैट रोबोट बनाए, और जोड़ी में मुश्किल मसले सुलझाना सीखा।

अगला पड़ाव 2021 इलेक्ट्रिक स्केटबोर्ड

2021 कैंपस की सवारी से कंपनी तक

इलेक्ट्रिक स्केटबोर्ड

घर पर बना इलेक्ट्रिक स्केटबोर्ड, अपने पुर्ज़ों के पास कैंपस की सड़क पर घर पर बना इलेक्ट्रिक स्कूटर कैंपस में इलेक्ट्रिक स्कूटर की सवारी

VIT का कैंपस बहुत बड़ा है, इसलिए Hriteek और Shivanshu ने आने-जाने का हल ख़ुद निकाला: कैंपस में घूमने के लिए इलेक्ट्रिक स्केटबोर्ड और स्कूटर बना डाले। तभी उन्हें इलेक्ट्रिक गाड़ियों से प्यार हो गया।

Movio और माइक्रो-मोबिलिटी

रात में Movio इलेक्ट्रिक स्कूटर अपने बैटरी पैक के साथ Movio इलेक्ट्रिक साइकिल पीछे लगी बैटरी वाली Movio इलेक्ट्रिक साइकिल Movio स्कूटर और साइकिल के रेंडर

उन बोर्ड्स पर कैंपस में फ़र्राटा भरते देख यूनिवर्सिटी के इनक्यूबेटर VIT-TBI की नज़र उन पर पड़ी, और उसने इस प्रोजेक्ट को बिज़नेस बनाने में मदद की। उन्होंने Movio Technologies Private Limited रजिस्टर कराई, ₹2.2 लाख जुटाए, और बैंगलोर में पर्सनल लाइट इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने शुरू किए।

राइडर्स से बात करके उन्हें समझ आया कि असली दिक़्क़त कभी गाड़ी थी ही नहीं। असली दिक़्क़त थी बैटरी।

  • VIT, Vellore Institute of Technology
अगला पड़ाव 2022 कोडर की एंट्री

2022 सॉफ़्टवेयर, और एक ग्रांट

कोडर की एंट्री

अपनी डेस्क पर Vishrut IISc Bangalore में Vishrut एक छत पर Vishrut और Shivanshu रात में शहर के ऊपर, दो फ़ाउंडर्स

टीम को सॉफ़्टवेयर में गहरी पकड़ चाहिए थी। Shivanshu ने कोटा के अपने पुराने दोस्त Vishrut Vatsa को फ़ोन किया, जो तब Boeing R&D में थे, IISc Bangalore के लिए सॉफ़्टवेयर बना चुके थे और Apple में इंटर्नशिप कर चुके थे। उन्हें को-फ़ाउंडर के तौर पर बुलाया गया, और उन्होंने Boeing छोड़कर Movio के साथ ज़ीरो से शुरुआत की।

सरकारी ग्रांट

इनक्यूबेटर के दरवाज़े पर IIT Roorkee के लॉन में फ़ाउंडर्स IIT Roorkee के साइनबोर्ड के पास IIT Roorkee में इनक्यूबेशन के दौरान टीम

फ़ुल-स्टैक प्रोटोटाइप, मेड-इन-इंडिया सोच और बारीकी से बने UI/UX ने IIT Roorkee और VIT-TBI के इनक्यूबेटर्स का ध्यान खींचा। NIDHI PRAYAS स्कीम और MeitY की TIDE 2.0 स्केल-अप स्कीम के ज़रिए Movio को कुल ₹40 लाख मिले।

यहीं से कहानी ने मोड़ लिया। फ़ाउंडर्स फ़ुल-टाइम EV बैटरी की समस्या में जुट गए।

  • DST NIDHI PRAYAS
  • MeitY Startup Hub
  • TIDES Business Incubator, IIT Roorkee
अगला पड़ाव 2023 टीम बिल्डर की एंट्री

2023 दिल्ली, एक टीम, एक प्रोडक्ट

टीम बिल्डर की एंट्री

एक को-फ़ाउंडर के साथ Paridhi अपने दो को-फ़ाउंडर्स के साथ Paridhi किताबों की दुकान पर Paridhi टीम की एक सेल्फ़ी

दिल्ली की मददगार EV पॉलिसी और हार्डवेयर कंपनियों के लिए उसके इकोसिस्टम की वजह से टीम दिल्ली आ गई, और Paridhi के आने से फ़ाउंडिंग टीम पूरी हुई। Paridhi और Shivanshu कज़िन हैं, जो साथ-साथ बड़े हुए, और इकोनॉमिक्स और ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में उनके बैकग्राउंड ने इंजीनियरों की टीम में संतुलन लाया।

नए शहर में टीम बनाना पहली प्राथमिकता थी। उनके बिना यह कहीं ज़्यादा मुश्किल होता।

टीम खड़ी करना

एक इवेंट में शुरुआती टीम गुड़गाँव में टीम एक साथ ऑफ़िस में काम करते इंजीनियर Electrifying India's Mobility एक्सपो में टीम

गुड़गाँव के एक ऑफ़िस से फ़ाउंडर्स ने इंजीनियरों और बिज़नेस डेवलपर्स की एक चुस्त टीम बनाई। टेक टीम हार्डवेयर के प्रोटोटाइप बनाती, और बिज़नेस टीम ग्राहकों के साथ बैठकर समझती कि दर्द कहाँ है। बनाओ, सीखो, सुधारो, दोहराओ।

प्रोटोटाइपिंग

शुरुआती स्वैप हब का प्रोटोटाइप बैटरी पैक प्रोटोटाइप की टेस्टिंग ऑफ़िस में प्रोटोटाइप ई-बाइक की टेस्ट राइड बैटरी पैक के लिए सजाए गए सेल

चार बैटरी पैक प्रोटोटाइप और स्वैप हब के दो वर्ज़न के बाद, उनके पास एक मिनिमम वायबल प्रोडक्ट था। उन्होंने राइडर्स के पहले ग्रुप के साथ पूरे स्टैक को परखा, ताकि पता चले क्या चला और क्या नहीं।

MVP

पहले Movio स्वैप हब के साथ टीम MVP ई-बाइक के साथ एक राइडर MVP स्वैप हब और ई-बाइक रात में बैटरी स्वैप करता एक डिलीवरी राइडर

MVP उन पक्के राइडर्स तक पहुँचा, जो दिन भर गाड़ी पर रहते हैं, Swiggy के डिलीवरी एग्ज़िक्यूटिव से लेकर हेवी-कार्गो लॉजिस्टिक्स तक। इससे एक अहम बात भी साबित हुई: राइडर्स को घर पर चार्ज करना बहुत पसंद है, बशर्ते ज़रूरत पड़ने पर स्वैप का रास्ता खुला हो।

GridXenergy

GridX का एक शुरुआती लोगो GridX बैटरी पैक GridX पैक्स के साथ दो फ़ाउंडर्स GridX का वर्डमार्क

MVP और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से बातचीत ने साफ़ कहा: असली बदलाव चाहिए। बाज़ार हाई-स्पीड EVs और पर्सनल मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा था, इसलिए Movio बना GridXenergy। पैक और ताक़तवर हुए, उनकी बारीकियों पर और ध्यान दिया गया, और पर्सनल राइडर्स के लिए उनके डिज़ाइन और पोर्टेबिलिटी पर नए सिरे से सोचा गया।

अगला पड़ाव 2024 प्रोडक्ट शोकेस

2024 दुनिया के सामने

प्रोडक्ट शोकेस

एक एक्सपो में GridX का स्टॉल GridX स्वैप स्टेशन का प्रोटोटाइप GridX का स्टॉल, जहाँ PowerPod डिस्प्ले पर है कॉलेज ऑडिटोरियम में प्रेज़ेंटेशन

इंडस्ट्रियल डिज़ाइन के प्रोटोटाइप पूरे होते ही GridX हर तरह के लोगों के सामने पहुँचा, Uttarakhand Investor Summit से लेकर पुणे के कॉलेज कैंपस तक।

SUN Mobility

SUN Mobility का रिसेप्शन SUN Mobility में टीम

Shivanshu ने SUN Mobility के Chetan Maini को बेधड़क मैसेज कर दिया, और टीम भारत की EV इंडस्ट्री के गॉडफ़ादर से मिलने पहुँच गई। उन्होंने SUN का मैन्युफ़ैक्चरिंग प्लांट देखा, अपने कंज़्यूमर ब्रांड की पिच दी, और मंझे हुए इंजीनियरों को अपनी टेक्नोलॉजी दिखाई।

उन्हें SUN के चीफ़ स्ट्रैटेजी ऑफ़िसर Anand Ganapathy Chennira के रूप में एक मेंटर भी मिले, जो दिसंबर 2023 से उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं।

शुरुआती रफ़्तार

फ़ोन पर GridX ऐप स्कूटर में PowerPod लगाते हुए चार्ज होता एक PowerPod स्कूटर के पास GridX स्वैप स्टेशन

GridX ने EV कंपनी GT Force को अपना पूरा स्टैक दिखाया और अपना पहला लेटर ऑफ़ इंटेंट हासिल किया। इसके बाद दिल्ली NCR के एक जाने-माने फ़्लीट मालिक ने सिर्फ़ काम करते प्रोटोटाइप देखकर 100 गाड़ियों का प्री-ऑर्डर दे दिया।

कड़ी टेस्टिंग

स्कूटर के साथ टेस्ट राइडर टेस्ट स्कूटर की सवारी

एक समर्पित राइडर ने PowerPod और ऐप को रोज़ के काम, लंबे रूट और भारी इस्तेमाल से गुज़ारा। उन राइड्स के डेटा और फ़ीडबैक से सिस्टम की स्थिरता और ऐप, दोनों निखरे, और साबित हुआ कि टेक्नोलॉजी सड़क के लिए तैयार है।

अगला पड़ाव 2025 पहली D2C ग्राहक

2025 NCR से बाहर

पहली D2C ग्राहक

डीलरशिप पर टीम के साथ हमारी पहली D2C ग्राहक हमारी पहली D2C ग्राहक के स्कूटर में रेट्रोफ़िटिंग

एक लोकल डीलरशिप पर टीम की मुलाक़ात एक ऐसी राइडर से हुई, जो बार-बार ख़राब होती बैटरियों और महँगे रिप्लेसमेंट से तंग आ चुकी थीं। शुरू में उन्हें बैटरी-ऐज़-ए-सर्विस पर भरोसा नहीं था।

नहीं नहीं, हमें वही वाली बैटरी चाहिए। मतलब, वही पुरानी वाली।

टीम ने उन्हें आराम से समझाया: पहले से कोई पैसा नहीं, कोई मेंटेनेंस नहीं, जितना इस्तेमाल उतना पेमेंट। शक जिज्ञासा में बदला, फिर भरोसे में, और उन्होंने अपनी गाड़ी में रेट्रोफ़िट करवा लिया। यह सिर्फ़ एक सेल नहीं थी। यह सबूत था कि GridX एक असली समस्या हल करता है।

NCR से बाहर

ओखला के नए ऑफ़िस में चारों फ़ाउंडर्स नए ऑफ़िस में देर रात तक काम बेंच पर हार्डवेयर टेस्ट करते इंजीनियर

हमारे पहले ऑफ़िस और R&D स्पेस ने PowerPod को प्रोटोटाइप से प्रोडक्ट तक पहुँचाया। टीम बढ़ने वाली थी, इसलिए हम ओखला, दिल्ली के एक नए ऑफ़िस में आ गए, जहाँ हमसे जुड़ने वाले हर नए साथी के लिए जगह है।

सड़क पर 500 kWh से ज़्यादा

अपने स्कूटर के साथ एक शुरुआती राइडर

जब नया ऑफ़िस तैयार हो रहा था, PowerPod Gen1 वही करता रहा जो वह सबसे अच्छा करता है: हर दिन सड़क पर हमारे ग्राहकों का साथ। अब तक राइडर्स इससे 500 kWh से ज़्यादा साफ़ ऊर्जा ले चुके हैं।

Rebalance(d) हो गए

Rebalance प्रोग्राम के दौरान व्हाइटबोर्ड सेशन Rebalance प्रोग्राम के दौरान टीम एक साथ

GridX को Rebalance के कोहॉर्ट 8 के लिए चुना गया। यह ज़्यादा दिन बस एक प्रोग्राम नहीं रहा: Rebalance एक एक्टिव पार्टनर बनकर जुड़ा, टीम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया, और PowerPod को और आगे, और तेज़ी से ले जाने के लिए और फ़ंडिंग लेकर आया।

  • rebalance

Gen2 की शुरुआत

GridX का 100 A सिमेट्रिक कनेक्टर PowerPod के अंदर: सेल, BMS और वायरिंग टेस्ट हो रहे एक सेल का थर्मल कैमरा व्यू

हमने Gen2 पर काम शुरू किया: AIS सर्टिफ़िकेशन और बड़े पैमाने के लिए बना PowerPod। इसके साथ आया हमारा अपना 100 A सिमेट्रिक कनेक्टर, और सेल-लेवल डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग।

Bajaj को पहले से पावर देने वाली Vecmocon, BMS और चार्जर पर हमारे साथ जुड़ी।

सॉफ़्टवेयर, नए सिरे से

बैकएंड को नए सिरे से बनाते हुए ऑफ़िस में काम करते Vishrut GridX ऐप की होम स्क्रीन

पूरे साल सॉफ़्टवेयर टीम पूरे बैकएंड को एक Central Ledger में समेटने में जुटी रही: Paddock। साथ ही उन्होंने SwapNest बनाया, वह ऐप जिस पर हमारे डीलर काम करते हैं, और राइडर्स के रोज़ इस्तेमाल वाले कस्टमर ऐप को लगातार निखारते रहे।

वह अनदेखा काम, जिससे दिखने वाला जादू चलता है।

अगला पड़ाव 2026 नए नियमों पर खरा

2026 प्रोटोटाइप से सड़क तक

नए नियमों पर खरा

Gen2 पैक्स के लिए तैयार सेल Gen2 सेल मॉड्यूल पैक मॉड्यूल की टेस्टिंग PowerPods की एक कतार

जब भारत ने बैटरी सेफ़्टी का पैमाना ऊँचा किया, हमने अपना उससे भी ऊपर रखा: Gen2 को सबसे ऊँचे सेफ़्टी स्टैंडर्ड पूरे करने थे, कुछ भी क़िस्मत के भरोसे छोड़े बिना।

हमने अपना ख़ुद का फ़्यूज़ बनाया, हर भारतीय मौसम के हिसाब से पैक की हीट-टेस्टिंग की, और प्रोडक्शन के लिए इसे लॉक कर दिया।

पेटेंट भी, निवेश भी

नए अध्याय का जश्न मनाते फ़ाउंडर्स टीम पर बना GridX का X Chitkara में GridXenergy का ब्रोशर Chitkara में Think Tank के नीचे PowerPod

हमने PowerPod के सिमेट्रिक डिज़ाइन के लिए पेटेंट फ़ाइल किया। और Chitkara University ने हमारा साथ देना चुना: ऐसी पूँजी, जो हमारे मक़सद से मेल खाती है, ताकि प्रोडक्शन और क़रीब आए।

हमारी अपनी लाइन

हमारी लाइन पर आकार लेता एक PowerPod हाथ से सेल जोड़ते हुए अपने यहीं एनक्लोज़र प्रिंट करते हुए ताज़ा बने पैक

पहले 50 PowerPod Gen2 यहीं, हमारे अपने ऑफ़िस में, हमारी अपनी टीम ने बनाए। हर बिल्ड ने प्रोसेस को उससे आगे निखारा, जहाँ तक Gen1 कभी पहुँचा था: साफ़-सुथरी असेंबली, कड़ी जाँच, और क्वालिटी का ऐसा पैमाना जो अब शुरू से आख़िर तक हमारे हाथ में है। सब कुछ लिखकर तैयार है, बड़े पैमाने के लिए।

हम और बढ़े

PowerPod के साथ टीम GridX सेल छाँटते इंजीनियर एक बिल्ड पर काम व्हाइटबोर्ड पर Paddock पर काम Central Ledger बनाते हुए फ़र्मवेयर और ओवर-द-एयर अपडेट पर इलेक्ट्रॉनिक्स टीम

हमारी चुस्त टीम इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल और सॉफ़्टवेयर, हर तरफ़ बढ़ी। हमारे दिल्ली ऑफ़िस का पहला इंटर्न बैच जुड़ा और पहले दिन से असली काम में लगा, फिर अपने से पहले के इंटर्न्स की तरह फ़ुल-टाइम रहने के लिए प्री-प्लेसमेंट ऑफ़र हासिल किए। यहाँ हर कोई अपनी मर्ज़ी से है।

एक बाइक प्लेटफ़ॉर्म पर

PowerPod डॉक की हुई One Electric बाइक

One Electric की बाइक अब GridX प्लेटफ़ॉर्म पर चलती है, PowerPod डॉक करके। अलग गाड़ी, अलग पावर सिस्टम, अलग राइडर। ऊर्जा वही।

बड़े मंचों पर

Battery Summit 2026 में चारों फ़ाउंडर्स Battery 360 में अवॉर्ड लेते हुए Battery 360 में PowerPod की पिच TiEcon Chandigarh में हमारा स्टैंड Battery Summit में GridXenergy स्टैंड पर टीम के दो साथी Battery Summit में GridXenergy स्टैंड पर डिस्प्ले पर PowerPod

हम Battery 360 में जीते। Shivanshu Mahim ने स्टेज पर, ठीक पैनल के सामने PowerPod निकालकर दिखाया, और पूरा हॉल झूम उठा। हमने Chitkara के साथ TiEcon Chandigarh में PowerPod दिखाया, फिर 16 जून को Battery Summit में उसे देश के मंच पर ले गए।

बाज़ार ने हमें ढूँढ लिया

PowerPod उठाए हुए हमारे शुरुआती डीलरशिप पार्टनर्स में से एक के साथ डिस्प्ले पर PowerPods और ऐप

एक रील हमारी सोच से कहीं आगे निकल गई: 50K+ व्यूज़, 700+ राइडर्स पूछ रहे थे कि कहाँ से ख़रीदें, और 20+ डीलरशिप बेचने के लिए पूछ रही थीं।

तो हमने इंतज़ार छोड़ दिया। हमारी पहली डीलरशिप्स PowerPod को अपने स्टोर्स में ले आईं। अपने पास वाली ढूँढें।

ख़रीदें, या बस इस्तेमाल करें

अपने स्कूटर के साथ एक राइडर एक डीलरशिप पर PowerPod

राइडर्स को PowerPod अलग-अलग वजहों से चाहिए था। कुछ को बस ऊर्जा चाहिए, एनर्जी-ऐज़-ए-सर्विस के ज़रिए। कुछ बैटरी के पूरे मालिक बनना चाहते हैं।

PowerPod एक, अपनाने के तरीक़े दो।

हमारी दीवारों के बाहर बना

Stefen Electric में बना एक PowerPod निकलने को तैयार PowerPods

रोज़ 200 PowerPods बनाने की क्षमता वाली Stefen Electric ने GridX के बाहर पहला PowerPod बनाया, हमारे प्रोसेस पर तैयार की गई लाइन पर। वह अभी से एक राइडर के पास पहुँच चुका है।

हमने एक प्रोसेस पेटेंट फ़ाइल किया है, और Gen3 पर काम चल रहा है। इसके बारे में जल्द ही और।

आज

हम कौन हैं

GridX एक एनर्जी कंपनी है। हमने 2021 में Movio Technologies Private Limited के रूप में शुरुआत की, एक कॉलेज कैंपस पर इलेक्ट्रिक सवारियाँ बनाते हुए, और समझा कि नए सिरे से गढ़ने लायक़ हिस्सा ख़ुद ऊर्जा है।

इसलिए हम वही डिज़ाइन करते हैं, सब कुछ, एक ही छत के नीचे: बिल्कुल अलग-अलग ज़िंदगियों के हिसाब से बने पैक, हर सेल का ध्यान रखने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स, और पैक के अंदर से आपके हाथ के फ़ोन तक पहुँचने वाला सॉफ़्टवेयर। हर हिस्सा बाकी हिस्सों को जानकर बनता है, इसीलिए सब मिलकर एक की तरह काम करते हैं।

इनमें पहला था PowerPod, भारत के टू-व्हीलर्स के लिए बना, जहाँ स्टोर की गई ऊर्जा लगभग किसी भी और जगह से ज़्यादा मेहनत रोज़ करती है। यह हमारी शुरुआत है, मंज़िल नहीं। हमारा मिशन है स्टोर की गई ऊर्जा को इतना भरोसेमंद, पोर्टेबल और किफ़ायती बनाना कि ऊर्जा ख़त्म होने की फ़िक्र किसी को अपनी प्लानिंग में न करनी पड़े।

फ़ाउंडर्स

इनका साथ

पार्टनर

  • Ministry of Power, Government of India
  • Ministry of Coal, Government of India
  • REC Limited
  • rebalance

इनक्यूबेटर

  • VIT, Vellore Institute of Technology
  • IIIT Delhi Innovation and Incubation Center
  • IIM Udaipur Incubation Centre
  • Indian Institute of Technology Roorkee

स्कीम

  • MeitY Startup Hub
  • NIDHI Entrepreneur-in-Residence
  • DST NIDHI PRAYAS
  • REC Powerthon 2.0